🕉️ Bhajans, Aartis & Mantras · Ep 11
Sharad Purnima: Vrat Katha
शरद पूर्णिमा 2026 🌕 व्रत कथा, खीर का महत्व, पूजा विधि और मंत्र | 25 अक्टूबर | कोजागरी पूर्णिमा
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नमस्ते, ज्योति यात्रा में आपका स्वागत है। आइए, श्रद्धा से सुनते हैं आज की पावन व्रत कथा। आश्विन मास की पूर्णिमा शरद पूर्णिमा। इस वर्ष रविवार, पच्चीस अक्टूबर की रात चंद्रमा अपनी पूरी चाँदनी बरसाएगा।
मान्यता है कि वर्ष में केवल इसी रात चंद्रमा अपनी सोलह कलाओं से पूर्ण होता है, और उसकी किरणों में अमृत बरसता है। इसीलिए इस रात खीर बनाकर चाँदनी में रखी जाती है, और सुबह प्रसाद के रूप में ग्रहण की जाती है। शरद पूर्णिमा की एक प्रसिद्ध व्रत कथा है। एक नगर में एक साहूकार रहता था।
उसकी दो बेटियाँ थीं, और दोनों पूर्णिमा का व्रत रखती थीं। बड़ी बेटी पूरे नियम और श्रद्धा से, पूरा व्रत करती थी। पर छोटी बेटी व्रत को अधूरा छोड़ देती थी कभी जल्दी में, कभी आलस में। समय बीता, दोनों का विवाह हुआ।
बड़ी बहन का परिवार सुख से फला-फूला, पर छोटी बहन की संतान जन्म के बाद जीवित नहीं रहती थी। दुखी होकर उसने पंडितों से कारण पूछा। उन्होंने कहा तुमने पूर्णिमा का व्रत सदा अधूरा छोड़ा है। अब पूरे विधि-विधान से व्रत करो।
इस बार उसने पूरी श्रद्धा से व्रत किया। संतान हुई, पर कुछ ही समय में फिर वही दुख आ पड़ा। तब उसने बालक को एक पीढ़े पर लिटाकर ऊपर कपड़ा ढक दिया, और अपनी बड़ी बहन को बुला लाई बैठने के लिए वही पीढ़ा दे दिया। जैसे ही बड़ी बहन बैठने लगी, उसका घाघरा बालक को छुआ और बालक रोने लगा!
बड़ी बहन चौंक उठी। छोटी बहन ने रोते हुए कहा दीदी, यह तो पहले ही चला गया था। तुम्हारे पूर्ण व्रत के पुण्य से आज यह फिर जीवित हो गया। कथा के अनुसार, उसके बाद पूरे नगर में यह संदेश फैल गया पूर्णिमा का व्रत पूरा करो, अधूरा नहीं।
शरद पूर्णिमा को कोजागरी पूर्णिमा भी कहते हैं। मान्यता है कि इस रात माँ लक्ष्मी पृथ्वी पर पूछती हैं को जागर्ति? कौन जाग रहा है? भागवत की परंपरा में, इसी शरद की पूर्णिमा पर वृंदावन में श्रीकृष्ण ने बांसुरी बजाई, और महारास हुआ।
आश्विन पूर्णिमा पर ही महर्षि वाल्मीकि की जयंती भी मनाई जाती है जिन्होंने रामायण की रचना की। पूजा की परंपरा शाम को माँ लक्ष्मी और चंद्रदेव की पूजा करें, दीप जलाएँ, और चंद्रमा को जल से अर्घ्य दें। माँ लक्ष्मी का मंत्र जपें ॐ श्रीं महालक्ष्म्यै नमः। रात में जागरण करें, भजन गाएँ, और खीर का प्रसाद सबमें बाँटें।
शरद पूर्णिमा की सीख जो काम श्रद्धा से शुरू करें, उसे पूरा करें। अधूरे संकल्प से नहीं, पूर्ण निष्ठा से ही फल मिलता है। माँ लक्ष्मी आपके घर सुख-समृद्धि बरसाएँ। शरद पूर्णिमा की हार्दिक शुभकामनाएँ।
ॐ श्रीं महालक्ष्म्यै नमः। सुनने के लिए धन्यवाद। अगर यह वीडियो आपको अच्छा लगा, तो इसे अपने परिवार के साथ ज़रूर बाँटिए, और ऐसी ही पावन कथाओं के लिए जुड़े रहिए ज्योति यात्रा के साथ। भगवान की कृपा आप पर बनी रहे।



